शेयर बाजार में शोध के लिए डिफाइनेज सिक्योरिटीज के को-फाउंडर प्रशांत शाह IFTA अवार्ड से सम्मानित, बोले- सफलता एक दिन में नहीं मिलती लेकिन एक दिन जरूर मिलती है
प्रशांत शाह पहले ऐसे भारतीय हैं, जिन्हें शेयर बाजार में शोध के लिए प्रतिष्ठित IFTA अवार्ड से सम्मानित किया गया है
मुंबई:डिफाइनेज सिक्योरिटीज (https://www.definedgesecurities.com) के को-फाउंडर प्रशांत शाह पहले ऐसे भारतीय हैं, जिन्हें शेयर बाजार में शोध के लिए प्रतिष्ठित IFTA अवार्ड से सम्मानित किया गया है. उनका मूलमंत्र है कि जानकारी ही आपको जोखिम से बचाती है. 'सफलता एक दिन में नहीं मिलती लेकिन एक दिन जरूर मिलती है....जहां एक ओर शेयर बाजार में गिरावट से अच्छे-अच्छे निवेशक भी घबरा जाते हैं वहीं डिफाइनेज सिक्योरिटीज के को-फाउंडर और सीईओ अपने 10 लाख ग्राहकों के भरोसे पर खरे उतरते हैं. उनकी यह सफलता जिंदगी के लंबे संघर्ष और धैर्य का ही नतीजा है कि जिन्हें शेयर बाजार में शोध के लिए प्रतिष्ठित MFTA अवार्ड से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय हैं.... उनका मूलमंत्र है कि जानकारी ही आपको जोखिम से बचाती है.
कभी धैर्य और जिज्ञासा का दामन नहीं छोड़ा
आज हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र में जन्में प्रशांत शाह की....जिन्होंने महज 20 साल की उम्र में ही गांठ बांध लिया था कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती लेकिन एक दिन जरूर मिलती है.’ यह कहानी है उस दौर की जब उनका परिवार दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा था, तब उन्होंने पिता का हाथ बंटाने के लिए टेलीफोन बूथ पर काम करते थे और साथ में क्रेडिट कार्ड बेचने और सड़क किनारे कैंप लगाकर डीमैट खाते खोलने का भी काम करते थे...अपने संघर्ष भरे जीवन में भी उन्होंने कभी धैर्य और जिज्ञासा का दामन नहीं छोड़ा. जितनी बड़ी चुनौती, उतना ही भरोसा बढ़ता गया और कभी 1-1 रुपये के लिए टेलीफोन बूथ की रखवाली करने वाले युवक की कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट आज 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. उनका सपना रहा है कि लोगों को रूल बेस्ड निवेशक बनाया जाए, जो बाजार को समझकर अपने पैसे लगाएं.
सफलता का कोई शॉर्ट नहीं होता- प्रशांत शाह
अपने संघर्ष भरे जीवन को याद करते हुए डिफाइनेज सिक्योरिटीज (https://www.definedgesecurities.com) के को-फाउंडर प्रशांत शाह ने बताया कि जिंदगी की मुश्किलों से एक ही सबक सीखा, सफलता का कोई शॉर्ट नहीं होता. अगर आपको आगे बढ़ना है तो सीखना और धैर्य रखना ही इसका मूलमंत्र है. इसी मूलमंत्र को खुद पर अप्लाई किया और पूरा फोकस सिर्फ सीखने पर लगाया. जितना सीखता, उससे ज्यादा खोजता. इन्हीं दो पटरियों पर अपनी जिंदगी की गाड़ी दौड़ाता रहा और सफलता की मंजिल खुद आती गई. उन्होंने बताया कि मेरे पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे और किसी कारणवश उनका काम छूट गया और परिवार पर आर्थिक संकट का पहाड़ टूट पड़ा....यह बात साल 2000 के आसपास की है.....यहीं से उनकी जिंदगी ने संघर्ष का दामन थाम लिया. चंद पैसे कमाने के लिए उन दिनों लाल बक्से वाले टेलीफोन बूथ पर बैठना शुरू किया, जहां दिनभर दर्जनों नए लोगों से मिलने और बातचीत का अनुभव मिलता. यही अनुभव उन्हें लोगों के साथ संवाद बनाने की कला सिखाने लगा. कुछ समय बाद यह काम छोड़कर बैंक के क्रेडिट कार्ड बेचे. उसी दौरान साल 2005 में शेयर बाजार का नया-नया बोलबाला शुरू हुआ. तब एक सरकारी कंपनी के स्टॉक ने निवेशकों को अपनी तरफ खींचा और लाखों लोग डीमैट खाते खुलवाने लगे. प्रशांत को भी सड़क किनारे खड़े होकर डीमैट खाते खोलने का काम मिला, जो पूरी तरह कमीशन पर आधारित था. हमारे सभी सहयोगी ज्यादा से ज्यादा खाते खोलने पर ध्यान देते थे. लेकिन, मेरे मन में हमेशा एक सवाल उठता कि जो चीज मैं खुद नहीं जानता, उसे दूसरों को कैसे बताएं. इसी सवाल का जवाब खोजने के लिए शेयर बाजार के बारे में पढ़ना, जानना और समझना शुरू किया. धीरे-धीरे यह काम इतना अच्छा लगने लगा कि जुनून की तरह मन में छा गया. हालांकि, तब तक अकाउंटिंग की पढ़ाई पूरी करके ऑफिस में काम करना शुरू कर दिया था और अच्छी तनख्वाह से परिवार भी ठीकठाक चलने लगा था.
प्रशांत शाह ने शेयर बाजार पर रिसर्च में पूरी ताकत झोंक दी और अपनी अपने ज्ञान को लोगों के बीच बांटना शुरु कर दिया। इससे लोगों में धीरे धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी और लोग उनसे सलाह लेने लगे.....यह सिलसिला आगे बढ़ता गया और देखते ही देखते दुनियाभर में उन्हें मशहूर कर दिया. शेयर बाजार में अपनी पहचान बनाने के लिए अमेरिका के Chartered Market Technician से पढ़ाई पूरी की.... जिसके बाद Certified Financial Technician का खिताब मिला. प्रशांत आज Member of Society of Technical Analysts, London के सदस्य हैं. स्विंग ट्रेडिंग की नई तकनीक खोजने के लिए प्रशांत को इंटरनेशनल फाइनेंशियल टेक्निकल एसोसिएशन (IFTA) की ओर से मास्टर ऑफ फाइनेंशियल टेक्निकल एनालिसिसस (MFTA) की उपाधि मिली. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह उपाधि पाने वाले प्रशांत पहले भारतीय हैं.
2015 में बनाई खुद की कंपनी
एक एक रुपए के लिए मोहताज रहने वाले प्रशांत शाह ने 2015 में डिफाइनएज (Definedge) नाम से अपनी सिक्योरिटीज कंपनी बनाई. यह कंपनी शेयर बाजार को लेकर किए गए उनके शोध और विश्लेषणों के आधार पर निवेशकों को फाइनेशियल सलाह देती थी. उनकी जानकारियां दूसरों के काम आने लगीं और निवेशकों के बीच उनका भरोसा तेजी से बढ़ना शुरू हो गया. साल 2021 में उन्होंने अपनी कंपनी को सेबी से रजिस्टर कराया और इसे तकनीकी रूप से ज्यादा सक्षम किया.
बाजार पर शोध के बाद लिखी चार किताबें
प्रशांत शाह ने बाजार पर शोध के बाद खुद की 4 किताबें भी लिखी. उन्हें Renko, Point & Figure और Line-break चार्टिंग विधियों का विशेषज्ञ माना जाता है. रिटेल निवेशकों के लिए प्रशांत ने एल्गोस्ट्रा (Algostra) नाम से प्लेटफॉर्म पेश किया है. प्रशांत ने बताया कि उनके प्लेटफॉर्म पर सारी जानकारियां उनके खुद के रिसर्च और डाटा पर आधारित हैं. यह गूगल पर मौजूद डाटा का इस्तेमाल नहीं करतीं, जिससे अन्य प्लेटफॉर्म के मुकाबले उन्हें बढ़त मिलती है.
धैर्य और सही जानकारी जोखिम से बचाती है- शाह
प्रशांत शाह के संघर्ष और कामयाबी का असली आंकड़ा उनके प्लेटफॉर्म पर मौजूद ग्राहकों में दिखता है. आज उनकी कंपनी 10 लाख से ज्यादा ग्राहकों का भरोसा संभालती है और इन ग्राहकों की ओर नियम के अनुसार निवेश किए गए करीब 1,000 करोड़ रुपये की देखरेख करती है. उनका मानना है कि अगर सही जानकारी के साथ बाजार में पैसे लगाए जाएं तो विषम परिस्थिति में भी नुकसान से बचा जा सकता है.
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